Sunday, 15 October 2023

ज़माना ए रिसालत तक मुसलमानो ने यहूदियों के साथ अच्छा बर्ताव किया

ज़माना ए रिसालत तक मुसलमानो ने यहूदियों के साथ अच्छा बर्ताव किया,लेकिन इन की साजिशी और सिफ़ली फ़ितरत ने इन से साजिशें करवाईं और आखिरकार मजबूर होकर हज़रत उमर फ़ारुक र.अ के ज़माना ए ख़िलाफ़त मे इन्हे सरज़मीन ए अरब से निकाल दिया गया,बाद के ज़मानो में यहूदियों की अकसीरियत युरोप के मुल्कों में आबाद हो गई,लेकिन वहां भी वो अपनी हरकतों से बाज़ नही आऐ,नतीजतन पहले स्पेन और पुर्तगाल से निकाले गऐ,इस के बाद 1290 ई. में बादशाह एडवर्ड के अहद में इंगलैंड से  निकाले गऐ,मगर वहां से निकलने के बाद इन के कुछ क़बीले रफ़्ता रफ़्ता फिर स्पेन में बस गऐ,लेकिन चौहदवीं सदी में इन को फिर जिला वतन कर दिया,1306 ई.मे फ्रांस से फिलिप ने निकाल दिया,1360 ई. मे युरोप के लोकतंत्र Magyarorszag से निकाले गऐ

यही सुलूक इन के साथ 1370ई. में बैल्जियम की हुक़ुमत ने किया,1380 ई. मे चैकोस्लवाकिया से,1420 ई में  ऑस्ट्रिया से इन को निकाला गया,1444 ई. में हॉलैंड से, 1510 ई. में रूस से, 1540 ई. में इटली से और 1551 ई. जर्मनी से यहूदी जिला वतन किये गऐ, फिर नाज़ी जर्मनी के तानाशाह हिटलर के ये यक़ीन कर लेने के बाद की यहूदी अपनी कमीना ख़सलत से बाज़ नही आ सकते,इन का पूर्ण ख़ात्मा करना चाहा, लिहाज़ा इसने यहूदियों के खिलाफ  सख्त कार्यवाही की,हज़ारों की संख्या में यहूदी मारे गऐ,बहुत से गिरफ्तार किये गये और बाकी भाग कर युरोपी देशों और अमेरीका मे आबाद हो गऐ.

आज भी यहूद की यही कमीना ख़सलत चालू है इन्हे जहां बसाया गया ये उसी को हड़प गऐ,फिलिस्तीन इसका सबसे ताज़ा उदाहरण हैं,ये आज भी ज़ोर शौर से ग्रैटर इस्राईल हासिल करने के लिये तैयारियों मे जुटें हैं,इनके लिये अपना लक्ष्य हासिल करना ही मक़सद है और इनकी राह में रुकावट बनने वाले इंसान की जान एक बहुत छोटी चीज़ है.


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