Tuesday, 17 October 2023

डॉक्टर इसराईल अबू ज़ुऐब एक मिस्री यहूदी हैं, अपनी क़िताब "का'ब उल अहबार" में कहते हैं

.... डॉक्टर इसराईल अबू ज़ुऐब एक मिस्री यहूदी हैं, अपनी क़िताब "का'ब उल अहबार" में कहते हैं कि यहूदी उमर बिन ख़त्ताब रज़ी अल्लाहुअन्हु का इंतिहाई बेसब्री से इंतिज़ार कर रहे थे क्योंकि बाज़िंतीनी (रोमन्स) फ़ौजों ने उन यहूदियों पर जुल्म ढाया हुआ था, और रोमन्स ने पांच सौ सालों से यहूदियों को यरुशलम में दाख़िले से मना किया हुआ था। और उमर बिन ख़त्ताब रज़ी अल्लाहुअन्हु यरुशलम में दाख़िल हुए तो पांच सौ साल से यहूदियों पर जो पाबंदी थी, उसको ख़त्म किया। (का'ब उल अहबार: सफ़्हा 35)

दूसरी तरफ़ जब सलाहुद्दीन अय्यूबी रहीमुल्लाह ने सलीबियों (ईसाईयों) से यरुशलम को आज़ाद करवाया था, वो दिन आज भी यहूदी तारीख़-दानों के यहां मु'अज़्ज़ज़ (सम्माननीय) है, क्योंकि सलाहुद्दीन ने सलीबियों की तरफ़ से यहूदियों पर लगने वाली पाबंदी से उनको निजात दिलाई।
 और इस बात का ज़िक्र भी यहूदी इतिहासकार इब्राहीम पी ब्लोच (Abraham P. Bloch) ने अपनी क़िताब में यहूदियों के यादगार दिन और तारीख़ों में शुमार किया है जिनको यहूदी हर साल मनाते हैं।

आप देख सकते हैं कि मुसलमानों ने यहूदियों को हमेशा आज़ादी ही दी थी, बल्कि ज़ुल्म से निजात दिलाई थी मगर आज वही लोग मुसलमानों के ऊपर ज़ुल्म कर रहे हैं।

और सुलतान सलाहुद्दीन अय्यूबी रहीमुल्लाह बहोत अज़ीम रहनुमा थे जिनके दरबार में कई यहूदी आलिम शामिल थें। मूसा बिन मैमून (Maimonides) एक इंतिहाई मशहूर यहूदी आलिम हैं और वो सलाहुद्दीन अय्यूबी रहीमुल्लाह के ख़ादिम और तबीब थे।

(ये पोस्ट फिर साबित करती है कि मुसलमानों और यहूदियों में कभी दुश्मनी नहीं रही... ये दुश्मनी खास हालात पैदा करके बनाई गई है, .... लेकिन फिर भी तमाम यहूदी इज़रायल की नीतियों के साथ नहीं खड़े हैं, दुनिया में बहुत से यहूदी हैं, जो इज़राइल के ख़िलाफ़ बोलते हैं और फिलिस्तीन की ज़मीन को इज़राइल से वापस लौटाने की मांग किया करते हैं....फ़ोटो में अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स यहूदी रब्बी (यहूदी धार्मिक गुरु) हैं, जो इज़राइल के ख़िलाफ़ रैली निकाल कर ज़ालिम ज़ियोनिस्ट कब्ज़ा माफ़िया से माँग कर रहे हैं कि फिलिस्तीन की पूरी ज़मीन फिलिस्तीन को वापिस करो यह उन्ही की अमानत है
...ये लोग इज़राइल की मुख़ालफ़त, इज़राइल के बनने के वक़्त से ही करते आ रहे हैं ) 
अब्दुल्ला किंग

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