मरने वाले भाइयों के बाप ने दोनों को उसी ज़मीन पर दो कब्र खोदकर दफ़न कर दिया..
और पक्की क़बरें बनवा के कह दिया लो संभालो अपनी-अपनी ज़मीन और हम सबके लिए इस वाक़्या को निशान इबरत (सबक) बना दिया..।
ज़िंदगी दो दिन की है..यहां एक दूसरों का खून पीने से बेहतर है आपस में मोहब्बतें बांटें साथ कुछ लेकर नहीं जाना है 😢
तमाम उम्र हम एक दूसरे से लड़ते रहे..
मरे तो दोनों बराबर में जाकर लेट गए..।
#कड़वी_हक़ीक़त
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