हम सब जानते हैं कि कुरआन अल्लाह का कलाम है इस मे कोई शक की गुंजाइश नहीं है लेकिन मौजूदा दौर मे लोगो को साईंस पर भरोसा है तो आईए जानते हैं कुरआन मे अल्लाह क्या फरमाता है।
1⃣ हम सभी जानते हैं कि पानी जीवन के लिए सबसे जरूरी तत्व है कुरआन इसी विचार में एक असाधारण दावा करता है कुरआन कहती है कि जिंदगी पानी में पैदा हुई है पानी को ही पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के लिए मूल तत्व माना गया है
2⃣ लोहा प्राकृतिक रूप से धरती पर पाई जाने वाली धातु नहीं है यह धरती पर अंतरिक्ष से आया है, जिसे विज्ञान भी साबित कर चुका है अद्भुत बात यह है कि लोहे की उत्पत्ति कुरआन में लिखा है, हमने लोहे को नीचे धरती पर भेजा है समस्त मानव जाति के फायदे के लिए
3⃣आसमान हमारी हिफाजत करता है पृथ्वी को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में आसमान एक बहुत ही महत्वपूर्ण रोल अदा करता है, कुरआन आसमान को समझाने के लिए हमसे कहता है कि हमने आसमान को तुम्हारे लिए हिफ़ाजती छत बनाया है
4⃣ कुरआन हमारा ध्यान पहाड़ के बारें में एक बहुत ही खास पहलू की ओर खींचती है क्या हमने दुनिया को आराम करने वाली जगह नहीं बनाया और पहाड़ों को धरती का कोटा नहीं बनाया। कुरआन हमें बताती है कि पहाडों की जड़े धरती में बहुत गहरी है
5⃣ ब्रह्मांड का विस्तार। जब खगोलीय विज्ञान अपनी शुरुआती दौर में थे कुरान में ब्रह्मांड के फैलने का बयान किया गया। कुरान में कहा गया है कि ब्रह्मांड को हमने ही अपनी सृजनात्मक शक्तियों से बनाया है। और इसको हम बढ़ाते रहेंगे।
6⃣ सूर्य स्थिर नहीं है बल्कि वो हमारे मिल्की वे गैलेक्सी में मध्य में घूमता रहता है कुरआन में लिखा गया है की वो जिसने रात दिन चांद सूरज बनाया वह अल्लाह ही है। और यह चांद सितारे सब अपने ही कक्ष में तैरते रहते हैं जिसको विज्ञान भी साबित कर चुका है
7⃣ दर्द को महसूस करने वाले टिशूज काफी लंबे समय तक नहीं समझा जाता रहा कि महसूस करना और दर्द का अंदाजा करने वाले टिशूज दिमाग में ही होते हैं। इस पर कुरआन में लिखा गया है जिन लोगों ने हमारे खुलासों को झूठ समझा है हम उन्हें आग में झुलसायेगे और जब उनकी खाल जल जाएगी तो उन्हें नई खाल देंगे ताकि वह दर्द को निरंतर महसूस करते रहेगे।
#अहम_बाते
आपको हैरानी होगी सुन कर के कि, कुरआन की 80 फीसदी बात सच साबित हो चुकी है और 20 फीसदी बात पर साईंस ने नहीं गलत कहा है नहीं सही। इंशा अल्लाह बहुत जल्द साईंस जैसे जैसे और विकास करेगा वो भी सच साबित हो जाएगा।
आखिर मे दुआ है कि अल्लाह तमाम उम्मत ए मुस्लिमा को कुरआन को पढ़कर ,समझकर और अमल करने की तौफीक अता फरमाएं 🤲
आमीन
सुम्मा आमीन
No comments:
Post a Comment