Tuesday, 2 January 2024

2 जनवरी 1492 को गरनाता ( उंदलुस , स्पेन ) से मुस्लिम हुकूमत खत्म होती है और आखिरी बादशाह जो मशहूर अंसारी सहाबी हज़रत सअद बिन उबादा के वंशज थे अपने महल से रोते हुए निकलते हैं

2 जनवरी 1492 को गरनाता ( उंदलुस , स्पेन ) से मुस्लिम हुकूमत खत्म होती है और आखिरी बादशाह जो मशहूर अंसारी सहाबी हज़रत सअद बिन उबादा के वंशज थे अपने महल से रोते हुए निकलते हैं उसके बाद एक सौ बीस वर्षों तक मुसलमान स्पेन के कुछ हिस्सों में परेशानियों के साथ रह रहे थे 1609 में उन्हें पैग़ाम दे दिया गया कि स्पेन में रहना है तो धर्म परिवर्तन कर लो वर्ना स्पेन छोड़ कर निकल जाओ ज्यादातर लोग निकल गए कुछ ने धर्म परिवर्तन कर लिया और कुछ लोगों ने दूर दराज़ पहाड़ी क्षेत्रों मे पनाह ले ली एक दो शताब्दियों तक लड़ते रहे और फिर ईसाई बन गए स्पेन वालों पर धुन सवार होता है कि गुलामी की निशानी को बाकी नहीं रखना है और मुसलमानों के बसाए शहर राजमहल क़िले सब तोड़ दिए जाते हैं मस्जिदें मिस्मार कर दी जाती है घरों में आग लगा दी जाती है मुल्लों का नाम इतिहास के पन्नों से मिटा दिया जाता है जैसा पागल पन आज भारत के कुछ लोगों पर सवार है वहां भी सवार हुआ और सब नष्ट कर दिया गया लेकिन इधर लगभग पचास वर्षों से उन में बदलाव आया है अब वह पछता रहे हैं वह देख रहे हैं कि इतिहास में हमारा सबसे सुनहरा दौर तो वही था जब यह मुसलमानों का शासन था अब वह अपने उस दौर पर गर्व कर रहे हैं स्पेन सरकार हर साल बजट में एक हिस्सा रखती है जिसमें मुसलमानों के दौर की इमारतों का नवीनीकरण किया जाता है अल ज़हरा सिटी जो कभी खंडर बन गई थी अब उसके एक बड़े भाग का नवीनीकरण हो चुका है मशहूर मुस्लिम शख्सियतों के बारे में किताबें लिखी जा रही हैं उनकी निशानियां ढूंढी जा रही हैं राजाओं बुद्धिजीवियों और वैज्ञानिकों को छोड़िए दीनी उल्मा तक की निशानियों को सामने लाया जा रहा है उंदलुस के मशहूर आलिम व ज़ाहिरी फिक़ह के इमाम अल्लामा इब्ने हज़्म के हजारवें जन्मदिन के मौके पर सन् 1994 में उनकी याद में डाक टिकट जारी किया गया उनके घर की मरम्मत करके लोगों के लिए खोल दिया गया ( तस्वीर में देखें) यही नहीं उंदलुस के जो मुसलमान मोरक्को व अल्जीरिया चले गए थे उनमें कुछ लोग अल ज़हरा सिटी के थे और अभी तक अपने नाम में ज़हरावी लिखते हैं स्पेन सरकार उन्हें कुछ जरूरी दस्तावेज देख कर अपनी नागरिकता दे रही है उन्हें लालच दिया जा रहा है कि वह वापस आ जाएं स्पेन में मुसलमानों की तादाद बढ़ रही है इस समय पचीस से तीस लाख मुसलमान वहां रहते हैं जिन में ज्यादातर लोग स्पेन के असल बाशिंदे हैं जिन्होने इस्लाम कबूल कर लिया है Khursheeid ahmad

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