Monday, 12 February 2024

True Inspiration ( Shahid Azmi To Shaheed e Azam )

True Inspiration ( Shahid Azmi To Shaheed e Azam )
1992 मुम्बई दंगो में नाबालिगी में ही उठा कर उसे जेल में डाल दिया गया , लेकिन जुबनैल साबित होने पर उसे कोर्ट से बरी कर दिया गया जवान हुआ तो उसका सम्बन्ध आतंकवादी तंजीमों से जोड़ कर उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया ,, जेल में मौजूद ट्रायल और प्रताणना पर उसकी बियोपोइक मूवी " SHAHID " जब पर्दे पर आई जिसे राज कुमार राव ने अपने स्वाभाविक अभिनय से जीवंत कर दिया तो बॉयोपिक ने हंगामा मचा दिया , निर्देशन , पटकथा और अभिनय को तो सराहना मिली और तमाम फ़िल्म फेयर और राष्ट्र्या पुरुस्कार मिले पर मूल किरदार बेगुनाह मुस्लिम नौजवान फासीवादी गिद्धो और प्रशासनिक भेदभाव को आज भी झेल रहा है । उस ने जेल में ही अपनी पढ़ाई ज़ारी रखी और लॉ की डिग्री कम्प्लीट की ...... बिल आखिर वह जेल से छूटा तो अब उसका एक मक़सद था कि आतंकवाद के झूठे केसों में फँसाये गए मुस्लिम नौजवानों को फासीवादी गिद्धों से बचाना है ।। बहुत छोटे से लॉ के कैरियर में उसने ऐसे 17 नौजवानों की बेगुनाही साबित करके आज़ाद करा लिया था ....... आप सोंच सकते हैं कि महज 32 साल की उम्र में उसे प्रोफेशनल स्नाइपर्स की मदद से रहिस्यमय ढंग के क्यों कत्ल करवा दिया गया ..... यह एक साधारण नौजवान की असाधरण जीवनी का बहुत दुःखद अंत है ... एक दो ज़ख्म नही जिस्म है सारा छलनी दर्द परेशां है कि उठे तो कहाँ उठे ....... "By showing me injustice He taught me to love justice." Revolutionary Salutes to Advocate Shahid Azmi on his Martyrdom Day. #सब_याद_रखा_जाएगा

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